मंगलवार, 20 फ़रवरी 2024

सिर्फ एक झूठ

विक्की के पिताजी सेठ मांगीराम एक सफल व्यापारी थे| उनका चावल का कारोबार था| सेठ मांगीराम के दो लड़के थे| बड़े लड़के का नाम रिक्की और छोटे लड़के का नाम विक्की था| पिता के व्यापार में विक्की और रिक्की दोनों भाई मिल कर काम करते थे। परिवार का दिन अच्छा चल रहा था और उनके व्यापार में भी खूब तरक्की हो रही थी| परिवार में सबसे छोटी होने के कारण विक्की की बीवी घर में सारा काम संभालती थी। सुबह उठ कर चाय बनाना, सब के लिए नाश्ता बनाना, फिर विक्की को ऑफिस के पेपर्स सब कलेक्ट कर के रख देना, टिफ़िन बनाना फिर उस के बाद जब विक्की चला जाता ऑफिस तो वह घर का सारा काम खत्म कर के, छोटे बच्चो को ट्यूशन पढ़ाती, फिर जैसे शाम को जब सब आ जाते घर तो सबके लिए खाना बनाना, फिर सबको खाना खिला कर खुद खाना फिर सोना।
विक्की को शुरू से ही विदेश जाने का बड़ा मन था| उसका सपना था कि, विदेश में एक बड़ी कंपनी में वह एक अच्छे पोस्ट पर काम करे| इसके लिए वह परिवार के व्यापार में हाथ बंटाने के साथ साथ विदेश जाने के लिए भी खूब पढाई करता। दिन बीतता गया और करीब 1 साल तक विक्की रोज अपना काम और पढाई दोनों करता रहा| फिर एक दिन उसे विदेश की एक कंपनी का ऑफर आ ही गया| कंपनी ने विककी को मैनेजिंग डायरेक्टर के पोस्ट के लिए उसे ऑफर किया था। यह देख विक्की की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा| परिवार में भी एक अलग ख़ुशी का माहौल था क्योंकि उस परिवार का पहला व्यक्ति कमाने विदेश जाने वाला था। इसी ख़ुशी में विक्की ने अपने सभी परिवार, दोस्त, ऑफिस के कर्मचारी आदि के लिए एक पार्टी का आयोजन किया। पार्टी की शाम में सब बहुत खुश थे| कोई नाच रहा था, तो कोई गाना गा रहा था| विक्की ये सब देख बहुत खुश हो रहा था, और उसकी बीवी घर का सारा काम, सबका वेलकम से लेकर खाने तक सब देख - रेख कर रही थी।
पार्टी के दौरान हीं विक्की को दुबारा से विदेश की उसी कंपनी से कॉल आता है| घर में शोर होने के कारण कॉल पर बात करने करने के लिए विक्की बाहर चला जाता हैं। विक्की सबसे पहले अपने बॉस को शुक्रिया कहता है अपने पोस्ट के लिए, लेकिन तभी उसके बॉस उससे कहते हैं, " विक्की आई ऍम सॉरी, तुम्हे मैनेजिंग डायरेक्टर से हटाकर टीम का लीडर बनाया गया है| यह सुनकर विक्की बहुत परेशान हो जाता है, और वह बॉस से पूछने लगता है, क्यों? यहाँ मेरे घर में मैनेजिंग डायरेक्टर बनने की खुशी में पार्टी चल रही है, और आप अब मुझे कह रहे है, मैं एक टीम लीडर रहूँगा| बॉस ने कहा कि ये सिर्फ मेरे अकेले का फैसला नहीं हैं, सबने मिल के लिया है| मैं कुछ नहीं कर सकता| बॉस की यह बात सुनकर विक्की ने कॉल रख दिया|
इस घटना के बाद विक्की मानो पूरी तरह टूट गया था| उसे समझ नहीं आ रहा था वह अब क्या करें। तभी वहां विक्की की बीवी आती है, और उसे खाना खाने के लिए कहती हैं। वह उसे कहता है कि - तुम सब खा लो मैं बाद में खा लूंगा। अब उसकी बीवी को क्या पता विक्की के दिल में क्या बीत रही हैं? वह फिर कहने लगती हैं कि आज सब यहां है सब साथ में खाएंगे चलो आप। विक्की फिर मना कर देता है और कहता है उसे अर्जेंट ऑफिस जाना होगा, एक काम आ गया है उसका वहाँ जो उसका करना जरुरी है, ये सुनकर विक्की की बीवी पूछने लगती है, आज सब घर पर हैं तो ऐसा कौन सा काम आ गया अचानक से| यह सुनकर विक्की ने उससे कहा कि यह बात किसी को बताना नहीं सब परेशान हो जायेंगे| तुम सबको खाना खिला दो मैं काम खत्म करके आऊंगा तब खा लूंगा। यह कहकर विक्की वहाँ से निकल जाता है| तभी विक्की की बीवी पीछे से यह कहती है कि मैं यहां रुकी हुई हूँ| आप जल्दी से काम खत्म करके आना तब हम साथ में खाएंगे| विक्की ने उसे देख कर कहा - हाँ ठीक है|
विक्की वहाँ से निकल कर सीधा शराब की दूकान पर जाता हैं, और वहाँ बैठ कर शराब पीने लगता है| इधर पार्टी के बाद सभी लोग अपने अपने घर चले जाते हैं| तभी विक्की की माँ विक्की की बीवी को कहती है - बहु तुम खा लो विक्की अपना वहां खा लिया होगा| उसका इंतिज़ार मत करो| यह सुन कर विक्की की बीवी ने कहा - "उन्ही ने कहा कि वो जल्दी काम खत्म कर के आएंगे, और मैंने उन्हें कहा भी है, कि मैं आपके लिए रुकी रहूंगी, आप आओगे तो दोनों साथ मिल के खाएंगे, ये सुनकर विक्की की माँ ने कहा - "ठीक हैं जैसा तुम्हें ठीक लगे, मैं जा रही हूँ सोने" यह कहकर विक्की की माँ और बाकी लोग सोने चले गए| विक्की की बीवी वहाँ सोफे पर बैठकर इंतिज़ार करने लगी| रात के 3 बज गए थे, लेकिन विक्की घर नहीं आया था, और नहीं कॉल उठा रहा था। उसकी बीवी को चिंता होने लगी| वह कॉल पे कॉल किये जा रही थी, फिर कुछ देर बाद तक कोशिश करने के बाद भी कॉल नहीं उठाया तो उसने ऑफिस में कॉल किया, जहाँ उसे पता चला की वो ऑफिस गया ही नहीं, ये सुनकर विक्की की बीवी और परेशान होने लगी| उधर विक्की दुकान में शराब पिए जा रहा था| जब एक वेटर ने देखा की वो लगातार कई घंटों से शराब पी रहा है, तो उसने अपने मेनेजर को इस बात की सूचना दी| मेनेजर ने विक्की को सलाह दी- सर, आपने बहुत पी लिया है, और रात भी बहुत हो चुकी हैं, आपको घर जाना चाहिए, आपके परिवार वाले इंतिज़ार कर रहे होंगे"। लेकिन विक्की होश में ना होने के कारण वो कुछ नही सुन रहा था, बस पिए जा रहा था, और कुछ देर बाद वह वही सो गया। जब मेनेजर ने उसे वहाँ सोते देखा, तो उसने वेटर से कहा- "टेबल नंबर 01 पर बैठकर जो आदमी पी रहा था, वह किसी अच्छे घर का लगता है| तुम एक काम करो उसके मोबाइल से उसके घर में कॉल कर दो| उसके घर वाले परेशान हो रहे होंगें| मैनेजर की बात सुनकर वेटर ने विक्की के पॉकेट से मोबाइल निकाला, और जैसे ही स्क्रीन चालू किया, तो देखा एक नंबर से 100 से भी अधिक कॉल आ चुके थे| यह देख वेटर ने उस नंबर पे कॉल लगा दिया| उधर घर पर विक्की की बीवी मोबाइल के तरफ देख रही थी की अब कॉल आएगा विक्की का, तभी विक्की का कॉल आता है, और वो तुरंत उठा के बिना कुछ सुने बोलने लगती है, "कहा हो आप ? कैसे हो ? इतने देर से कॉल कर रही थी उठा क्यों नही रहे थे? तभी वहां से आवाज आता है - "मैडम में वेटर बोल रहा हु, सर ने ज्यादा शराब पी ली हैं इसीलिए वो यहाँ सो गए है, आप आकर यहाँ से इन्हें ले जाइए। यह सुनकर विक्की की बीवी को मानों झटका सा लग गया हो, वो समझ नहीं पा रही थी, आखिर विक्की ऐसा क्यों कर रहा है? आखिर क्यों????
वेटर से बातचीत करने के बाद विक्की की बीवी ने पिताजी, और विक्की के बड़े भाई को जगाया, और उन्हें सब कहाँ, ये सुन सब हैरान हो गए, और उसके बड़े भाई उसे लेने चले गए। कुछ देर बाद विक्की को लेकर घर आते है, और उसे अपने कमरे में सुला देते हैं। लगभग सुबह हो गयी थी, तभी विक्की की माँ किचन जाती है सब के लिए चाय बनाने, तब वो देखती है, खाना सब पड़ा हुआ हैं। तभी वो समझ जाती है कि बहु ने खाना नहीं खाया, और पूरी रात जगी थी। वह जल्दी से नाश्ता बनाकर उस के पास ले जाती है कहती हैं,- "बहु तुमने पूरी रात कुछ नहीं खाया, और पूरी रात बैठे थे सोफा पर लो कुछ खालो और थोड़ा आराम कर लो।
ये सुन विक्की की बीवी ने कहा मुझे अभी भूख नहीं है आपलोग खा लीजये| यह कहकर वह विक्की की ओर देखने लगी। यह सब देखकर विक्की की माँ वहाँ से चली गयी। कुछ देर बाद विक्की उठता है, और वह देखता है कि वो घर में है, तो उसे सब समझ आ जाता हैं कि घर में सबको पता चल गया और कोई उसे वहाँ से लेकर आया। वह यह भी देखता है कि सामने उसकी बीवी बैठी है, जब विक्की ने उससे कुछ कहने की कोशिश की, तो वह उठकर वहाँ से चली जाती हैं। यह देख विक्की सोचता है कि उसे शाम को मना लूंगा, फ़िलहाल ऑफिस चले जाता हूं। यह सोचकर विक्की तैयार होने चले जाता हैं। जब वो तैयार हो के हॉल में आता हैं, तब वो देखता है कि सारा परिवार वहाँ बैठे रहते हैं। तब विक्की सबके पास जाता है और सबको सारी बात बताता हैं, कैसे उसे पोस्ट से बदल दिया गया, और वह दुःखी हो कर शराब पीने चले गया। इसके बाद विक्की सबसे माफ़ी मांगने लगता है।
उसके घर वाले ने उससे कहा कि - "यह तूने ठीक नहीं किया| तेरे वजह से बहु पूरी रात यहाँ बैठी रही, और भूखी रही और तू वहाँ बैठकर शराब पी रहा था| क्या यही दिन देखने के लिए तुझे इतना पढ़ाया लिखाया इस काबिल बनाया था? अगर माफ़ी मांगनी है तो बहु से मांग, कल पुरे दिन उसने काम किया, पार्टी सारा उसने संभाला, यहां तक की पूरा दिन नही खायी, ये सोचकर की तेरे साथ रात में खा लेगी और तू है कि.. " ये कह कर सब वहाँ से चले गए।
विक्की ये सुनकर अपने बीवी के पास गया और सॉरी कह कर ऑफिस के लिए निकल गया। यह देख उसकी बीवी को कुछ समझ नहीं आया| उसने सोचा कि यह क्या था? बस एक सॉरी और बात खत्म! पूरा दिन जिसके लिए काम कर रही थी, भूखी रही की उसके साथ खाऊँगी, रोज सुबह उठ कर चाय-नाश्ता बनाती, वह मुझसे झूठ बोलकर पूरी रात बैठ कर शराब पीता रहा और यहाँ मैं उसका इंतिज़ार कर रही थी। क्या यही प्यार था उसका? क्या इसे प्यार कहते है? क्या उसका पोस्ट मेरे से ज्यादा जरूर था?
इन्हीं बातों को सोचते-सोचते उसका पूरा दिन बीत गया| देखते देखते शाम हो गयी और सब घर आ गए। विक्की आते ही- "माँ भूख लग गयी खाना निकालो जल्दी से, मैं कपड़े बदल कर आता हूं|” विक्की कपडे बदल कर डिनर टेबल पर आकर बैठ गया| फिर बाकी सब भी आये और खाना शुरू हुआ, खाना खाने के बाद रोज की तरह विक्की की बीवी आखिरी में खाना खाने बैठी, वो अपना खा के जब अपने रूम में गयी तो देखा विक्की सो गया था| यह देखकर वह और अंदर से रूठ गयी कि कैसे विक्की इतना जल्दी भूल सकता है सारी बातों को? कैसे विक्की बिना कुछ ठीक किये रह सकता है? कैसे उसके मन में नहीं आया एक बार भी की उस रात उसकी बीवी उसका इंतिज़ार कर रही थी भूखे पेट? क्या विक्की को कुछ फर्क नहीं पड़ता मेरे होने ना होने से? क्या विक्की के लिए ये सब एक आम बात है? क्या विक्की को झूठ कहना जरुरी था? क्या मैं इतनी भी उसके जरुरत नहीं लगती की वो मुझे सच बता सकता था? क्या विक्की ऐसे पहले भी झूठ कहा होगा? कितनी बार मुझसे ऐसे हीं झूठ बोल कर वो निकला होगा घर से? इसी तरह के कई सवाल मन में रखे पूरी रात वो सोचते रही और फिर सोचते सोचते सुबह हो गयी| फिर रोज की तरह सबके लिए चाय बनाना, नाश्ता तैयार करना, टिफ़िन देना ये सारे कामों में लग गई। वहाँ विक्की उठकर रोज की तरह तैयार होके हॉल में आया। और अपने बीवी से टिफ़िन मांगने लगा ये देख उसकी बीवी सोचने लगी - क्या ये सब भूल गया इतना जल्दी? क्या इसे कुछ याद नहीं उस रात के बारे में? और उसने टिफ़िन दे दिया और सब ऑफिस चले गये। सारा काम खत्म होने के बाद विक्की की बीवी अपने रूम में गयी और उसके मन में आया की यहाँ किसी ने विक्की को दुबारा कुछ नहीं कहा, यहाँ तक की मैं रोज उदास रहती हूँ ये देख कर भी कोई मुझसे एक बार भी नही पुछा की - "क्या हुआ, ऐसे उदास क्यों हो? क्या विक्की ने भी नहीं मनाया? कुछ भी किसी नहीं कहा।
अचानक से खड़े होकर उसने अपने आप से कहा जब किसी को यहाँ मेरी जरुरत ही नहीं, जब किसी को फर्क नहीं पड़ता की विक्की ने झूठ बोलकर वहाँ शराब पीने गया, सबको अपना अपना काम दीखता है लेकिन में जो रोज अंदर हजारों सवाल लेकर बिना कोई काम रोके काम करती हूँ ये किसी को नहीं दीखता, अगर ऐसा ही हैं तो मुझे यहाँ रहने का कोई हक़ नही। जब किसी को फर्क नहीं पड़ता, किसी को कदर नहीं एक औरत की, वो अपना सब कुछ छोड़कर किसी के घर को सच्चे दिल से अपनाती है, और उसका अपना घर समझ कर सारा टाइम घर को सँभालने में लगा देती है, और बदले में ये उम्मीद, ये चाहत रखती है कि उसका परिवार उसके साथ दे, उसका पति को कभी उसे झूठ बोलने की जरुरत ना पड़े। क्या इतनी सी बात की उम्मीद रखना गलत है? और फिर वो फैसला कर लेती है कि वो अब उस घर में नहीं रहेगी जहां उसकी कदर नहीं। ये सोच वो अपना सामान पैक करना शुरू कर देती है। और फिर वो सारा सामान लेके हॉल में आती है, ये देख विक्की की माँ हैरान हो जाती है, और वो उससे पूछते हुए - "क्या हुआ बहु, सब ठीक है न? ये सब सामान लेके कहा जा रही हो?"
विक्की की बीवी कहते हुए - "मुझे यहाँ ठीक नहीं लग रहा मैं कुछ दिनों के लिए अपने माँ - पापा के घर जा रही हूँ। ये सुन विक्की की माँ घबरा गयी, लेकिन जैसे वो और कुछ केह पाती तब तक विक्की की बीवी वहां से चले गयी। ये देख विक्की की माँ ने तुरंत विक्की को कॉल लगाया और उसे सारी बाते बताई, ये सुन विक्की को थोड़ा समझ आ गया कि उस दिन की बात को लेकर अभी तक वो नाराज हैं, उसने माँ को कहाँ -"आप टेंशन मत लो वो ऐसे हीं मिलने गयी होगी, शाम को आते वक़्त में उसे लेके घर आ जाऊंगा।
ये सुन विक्की ने कॉल रख दिया और अपने कामो में लग गया। जब शाम हुए, विक्की ऑफिस से निकल कर अपने ससुराल चला गया अपने बीवी को लाने लेकिन उसकी बीवी आने से मना कर दिया और कहने लगी - "मुझे कुछ वक़्त चाहिए, अकेले रहना है जैसे ही में ठीक हो जाऊंगी में आ जाऊंगी वहां आप चले जाओ", ये सुन विक्की ने अपने बीवी को मनाने की कोशिश करने लगा। लेकिन कहते है न हर चीज़ का एक वक़्त होता है, अगर वो वक़्त निकल जाए तब आप चाहकर भी कुछ नही कर सकते, कुछ ऐसा ही यहाँ विक्की के साथ हुआ, जब बीवी घर में थी तब विक्की को एक बार भी ख्याल नहीं आया उसे मनाने का, एक बार भी ख्याल नहीं आया उससे बात करने का और आज जब वो घर से चले गई तब उसे होश आया मुझे बात करना चाहिए था। बहुत बनाने के बाद जब वो नहीं मानी तब विक्की ने बीवी से पुछा - तुम किस बात को लेकर नाराज हो मैंने शराब पिया था इसलिए न, अगली बार से मैं नहीं पियूँगा शराब, अब माफ़ कर दो और चलो घर।
यह सुनकर विक्की की बीवी ने कहा - "नहीं मुझे इस बात का इतना बुरा नहीं लगा की आपने शराब पिया, मुझे उस बात का बुरा लगा की आपने मुझसे झूठ कहा| आपने मुझसे झूठ कहकर घर से गये एक बार भी आपको मेरा ख्याल नहीं आया| ना जाने आप पहले भी कितना झूठ बोले होंगे, या आगे कितना बोलेंगे" ये सुन विक्की को गुस्सा आया और उसने कहा तुम बस एक झूठ को लेकर इतना बड़ा हंगामा कर रही हो, एक झूठ ही तो था और कौन सा मैं किसी लड़की के साथ था पूरी रात जो ऐसे बोल रहे हो आख़री बार कह रहा हूँ चलो घर, मेरे पास इतना वक़्त नही है कि बार बार यहाँ आकर तुम्हे समझाते रहूं। ये सुन बीवी ने सीधा कहा आप जा सकते हो मैंने आपको नहीं रोका है, खाना बना है खा के जाना। ये सुन गुस्से से वहां से निकल गया बिना खाये ये देख बीवी रोने लगी। वहाँ जब विक्की घर पंहुचा तब सब हॉल में बैठे थे और जैसे ही देखे विक्की आ गया, वो उससे पूछने लगे - अकेला आया? बहु कहाँ हैं? ये सुन विक्की को समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या बोले सबको, उसने फिर भी कह दिया आ जायेगी कुछ दिनों में और कहकर अपने रूम में चले गया। फिर अगले सुबह हुई तब विक्की के पिताजी सेठ मांगीराम बोलने लगे - "बहु, बहु कहा हो अभी तक चाय नहीं मिली मुझे।" ये सुन विक्की के माँ ने कहाँ बहु कहा है, आप भूल गए वो अपने मायके चली गयी है। यह सुन वो थोड़े उदास हो गए, और फिर उनकी बड़ी बहु कुछ देर बाद चाय लेके आती है। कुछ देर बाद जब नाश्ता का वक़्त होता है, तब घर में नाश्ता बना नहीं रहता है, और वहाँ विक्की को हमेशा उसकी बीवी उठती जो की अब घर में नहीं है, तो वो लेट उठता है। देखते ही देखते घर का सारा माहौल बिगड़ने लगता है। ना किसी को समय पर चाय मिलता, तो ना किसी को समय पर खाना।
सेठ मांगीराम की बड़ी बहु जॉब करती थी तो वो भी अकेले कितना कर पाती जितना उससे होता वो कर के अपने ऑफिस चले जाती। ये देख घर के सभी लोग परेशान रहने लगे। वहाँ विक्की का सारा काम, कपडे से लेकर, लैपटॉप, पेपर्स सब उसकी बीवी लाकर देती अब वो घर पे नहीं हैं तो विक्की को सारा काम करना पड़ता, इससे विक्की और परेशान रहने लगा। वक़्त बीतता गया, वहाँ विक्की की बीवी अपने माँ - पापा का ख्याल रखने लगी, और यहाँ विक्की का घर, जो एक हँसता-खेलता परिवार था, वो धीरे - धीरे टूटने लगा था। किसी को आदत थी नहीं, कोई काम करने का, अब सबको काम करना पड़ता था। फिर जब विक्की को समझ आया की वो ज्यादा दिन नहीं रह पायेगा ऐसे तो वो फिर बीवी को मनाने चला गया अपने ससुराल। लेकिन बीवी वापस जाने के लिए मान ही नहीं रही थी। उसका बस एक ही बात कहना - "मुझे अब आप पर भरोसा नहीं रहा, आप झूठे हो और मैं उस इंसान पर अपनी सारी जिंदगी कुर्बान कर दू ये मुझे मेरे मम्मी - पापा ने नहीं सिखाया"।
अब तो जब तक मुझे यकीन नहीं हो जाता तब तक मैं अब उस घर में नहीं आउंगी। ये सुन विक्की कहने लगा - क्या तुम एक झूठ को लेकर अब तक इतना बड़ा बात बना के रखे हो ? क्या तुम्हारे मम्मी - पापा ने ये सिखाया की अपने पति को अपने परिवार को छोड़ कर अपने मायके आ जाओ? क्या यही प्यार है तुम्हारा? ये इतना काम किस के लिए कर रहा हूँ? तुम्हारे लिए न हमारे अच्छे जिंदगी के लिए और तुम हो की एक झूठ को लेकर इतना बात बढ़ा रहे हो? प्लीज मान जाओ, घर चलो वापस दुबारा ऐसा नहीं होगा। लेकिन विक्की की बीवी नहीं मानी उसने कहा जब तक मुझे मेरा दिल नहीं कहता तब तक मैं नहीं आउंगी आप चले जाओ। और हां खाना बना है खा के जाना। ये सुन वापस विक्की अपने घर के लिए निकल गया।
जब वो घर पहुचने ही वाला था तभी, उसे फिरसे विदेश से कॉल आता है, वो साइड में गाडी रोक के कॉल उठता है, तब वहां बॉस उसे कहते बधाई हो विक्की तुम मैनेजिंग डायरेक्टर के लिए अप्पोइंट किये गए हो| यह सुन विक्की खुश नहीं होता और बॉस को कहने लगता- "क्या सर इसबार फिर मुझे हाँ बोल के ना बोल दोगे? आपके उस दिन के वजह से यहाँ मेरी जिंदगी बर्बाद हो गयी है और आप मुझे ये बोल रहे हो।" ये सुन बॉस ने कहा - मुझे नही पता विक्की तुम्हारे निजी जीवन में क्या हुआ है, उस दिन जब मैने कहा कि तुम्हारा पोस्ट बदल दिया जाता है, वो मेरा अकेले का बात नहीं था, पुरे टीम मिल के तय किया था, और उसके पीछे का भी वजह है, वजह ये है कि तुम्हारा जो प्रोजेक्ट था जो तुमने हमे दिया था वो पूरा नहीं भेजा था, जिस के वजह से तुम्हारा पोस्ट बदलना पड़ा, मैं तुम्हे आगे बता ही रहा था कि तुमने उस वक़्त कॉल कट कर दिया। यह सुन विक्की अपना लैपटॉप ओपन किया और चेक करने लगा, तब उसे पता चला की पार्टी की ख़ुशी में उसने पूरा काम खत्म ही नहीं किया था और उसने बिना कुछ देखे बॉस को दे दिया था । ये देख विक्की ने बॉस को सॉरी कहा और माफ़ी मांगी । और फिर पूछा की सर लेकिन अभी फिर से वो पोस्ट कैसे दिया मुझे ? मैंने तो आगे कोई काम ही नहीं किया, फिर कैसे अभी मिला मुझे?
फिर बॉस ने कहा - "वो जो आधा काम रह गया था प्रोजेक्ट में वो तुम्हारी बीवी ने कम्पलीट कर के मुझे मेल कर दिया, जिसे देख सारे टीम मेंबर बहुत खुश हुए और तुम्हे फिरसे पोस्ट दे दिया गया। ये सुन विक्की हैरान रह गया और वो सर को थैंक्यू बोल, बाद में बात करता हूँ सर ये बोल के कॉल कट कर दिया। और विक्की बहुत रोने लगा, रोते गया .. जिस बीवी को वो टाइम नहीं देता था, उसे झूठ कहकर चला गया, हमेशा वो घर के काम करती रही लेकिन एक बार भी उसने उससे पूछना जरुरी नहीं समझा की कैसे हो? लाओ मैं कर देता हूँ काम, या आराम कर लो बाद में कर लेना, हमेशा उसे गलत समझ रहा था, और आज वही बीवी ने उसके झूठ बोलने पर भी, घर छोड़ने पर भी, पूरी रात उसे भूखा रखने तक से लेकर रोज घर के सुबह से शाम तक काम कराने पर भी, उसने अपने पति का काम किया उसे जरुरी समझा, और वो भले मायके में थी लेकिन काम अपने पति का कर रही थी वहां रहकर भी ताकि उसके पति का विदेश जाने का सपना, मैनेजिंग डायरेक्टर का पोस्ट जी उसके पति, और उसके परिवार का सपना था वो पूरा हो सके।
जब वो अपने घर पंहुचा तब माँ ने देखा की विक्की के आँखों में आसूं तब माँ ने पुछा - "क्या हुआ विक्की तू रो रहा है? विक्की ने कहा माँ मैं बहुत बुरा हूँ, इतना बुरा की मैं किसी से ने नजरे भी नहीं मिला सकता, खासकर अपने बीवी से"। ये सुन माँ ने बोली - बेटा हम औरते भले ही कुछ कहते न हो जताते ना हो इसका मतलब ये नहीं की हम इंसान नहीं, हमारे में कोई दिल नहीं, हमे जीने का हक़ नहीं, हमे अपने पूरे सपने करने का हक़ नहीं, आज तक कभीं पुछा अपने बीवी से उसे क्या पसंद है, उसका कोई सपना है, उसकी कोई खुवासिश है जो अधूरी है, एक बार भी बेटा तूने अपने माँ से कहा माँ तुम आज रहने दो में काम कर देता हूँ। बेटा विक्की सब कुछ पैसा ही नहीं होता, सारे सपने सिर्फ तुम्हारे ही नहीं होते, तुम्हारे पास जो अपना सब कुछ छोड़कर आयी है उसके भी रहते है। सिर्फ ऊँचा उड़ना मत सीखो, बल्कि साथ में अपने परिवार को भी ऊंचा उड़ाना सिखाओ जो तुम्हारे लिए अपना सब कुछ छोड़कर आते है। मेरा क्या है, मेरी तो उम्र हो गई है, अभी भी वक़्त है संभल जाओ।
अपनी माँ की यह सुनकर विक्की अपने माँ के पैरों पर गिर गया और उनसे माफ़ी मांगने लगा। साथ ही वहाँ खड़े उसके बड़े भाई और पिताजी भी रोने लगे। तभी माँ ने विक्की को कहा -" उठ जा बेटा उठ जा, जा और मेरी बहु को कुछ भी कर के ले आ बहुत याद आ रही है उसकी। ये सुन विक्की रोते रोते अपने ससुराल पहुचा और अपने बीवी के सामने गिर गया तभी बीवी देख - क्या हुआ विक्की? आप रो क्यू रहे हो? सब ठीक है न वहाँ? तुम्हें कुछ हुआ तो नहीं? कुछ बोलो विक्की , मुझे डर लग रहा है," तभी विक्की का रोते रोते कहना -" जरूर पिछले जनम में कुछ अच्छा काम किया रहेगा तो जा के इस जनम में तुम मिले, जो अभी भी मेरी और मेरे परिवार के बारे में पूछ रही है, सोच रही है, क्यों हो तुम ऐसे, क्यों तुम मुझसे इतना प्यार करते हो? मैं लायक नहीं हूं तुम्हारे प्यार के मुझे मारो, मारो मुझे
यह सुनकर बीवी के आंखो में आसूं आ गए| वह बोली कि - विक्की मेरा तो सब कुछ आपसे शुरू होता है और आपपे ही खत्म, ऐसे कैसे आप मुझे बोल रहे हो मारो, मर जाऊंगी लेकिन कभी आपको कुछ होने नहीं दूंगी। यह सुन विक्की ने बीवी को अपने बाहों में ले लिया और रोने लगा। कुछ देर बाद बीवी ने कहा कि खाना रखा है खालो चलो, जब विक्की खाने बैठा तो वो देखा जो भी कुछ बना था सब उसके पसंद का बना था ये देख वो फिर से रो पड़ा और पूछने लगा, बीवी क्या है ये, तुम्हे पता था मैं फिर से आऊंगा आज?
विक्की की बीवी हँसकर बोली नहीं मैं तो रोज आपके पसंद का खाना बना कर रखती हूं ताकि आप जब भी आओ आपको आपके पसंद का खाना खिला सकू| आप जब भी आते मैं रोज बोलती खाना खा के जाना, लेकिन आपने कभी खाया ही नहीं। यह सुनकर विक्की के आसूं रुके नही जा रहे थे, वो फिर बीवी को अपने पास बिठाया और अपने हाथों से उसे खाना खिलाया और बाद में उसने खुद खाया, इतना ही नहीं जब खाना हो गया तो सारा बर्तन उसने उठके भी रखा।
यह देखकर बीवी रोने लगी और जैसे ही कुछ कहने जाती की विक्की ने उसे चुप करते हुए कहा, शांत आज से और अभी से तुम्हारे आँखों में एक आसूं नहीं आने दूंगा। और वहां बैठ गया, कुछ देर बाद बीवी ने कहा-"घर नहीं जाओगे? तब विक्की ने हँसते हुए कहा कि - "जहाँ मेरी बीवी हो वही मेरा घर है " ये सुन उसके चेहरे पर हँसी आ गयी और अपने रूम में चले गयी। कुछ देर बाद सारा सामान के साथ रूम से बाहर निकल कर कहने लगी - "चलो विक्की मुझे वो वाला घर जाना है अब, अब मुझे वहाँ लें चलो"| यह सुन विक्की जल्दी से उठा और गाडी में सामान रख दिया, और फिर बीवी के लिए कार का दरवाजा ओपन किया और कहा - "बैठिये मैडम" ये सुन बीवी हँसकर कार में बैठ गयी और थोड़ी दूर जा के विक्की गाडी रोक लेता है फिर बीवी को बाहर निकलने के लिए कहता है| जैसे ही वो बाहर निकलती है, वो देखती है विक्की वहाँ आइसक्रीम ले रहा होता है, फिर दोनों एक दूसरे को देखते आइसक्रीम खाते रहते है।
कुछ देर बाद दोनों घर पहुचते है तो देखते सब घर वाले जगे रहते है, और दोनों के लिए एक केक रखा रहता है, ये देख दोनों खुश हो जाते है और केक काटकर एक दूसरे को खिलाने लगते है।कुछ देर बाद विक्की और उसके बड़े भाई दोनों मिल के सबके सामने कहते हुए - "अब से हर हफ्ते में दो दिन हम भाई मिल के खाना बनाएंगे और वो दिन आप सभी को आराम करना होगा। ये सुन सब हँसने लगते है और माँ दोनों बेटो के सर पे हाथ रख आशीर्वाद देते हुए - "आज मुझे मेरा परिवार फिरसे मिल गया।"

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सोच

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